
मानव संसाधन अब केवल एक प्रशासनिक कार्य न रहकर संगठन के प्रदर्शन को दिशा देने वाला एक रणनीतिक कारक बन चुका है। तीव्र गति से बदलते व्यावसायिक परिवेश में, सतत विकास सुनिश्चित करने हेतु मानव संसाधन की भूमिका लोगों से जुड़ी रणनीतियों को संगठन के लक्ष्यों के साथ संरेखित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जैसा कि इस विषय पर लेखिका श्रीमती पूजा जैन अपने लेख में उल्लेख करती हैं, आधुनिक मानव संसाधन प्रबंधन उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं को आकर्षित करने, भविष्य के लिए आवश्यक कौशलों का विकास करने तथा जवाबदेही और सहभागिता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया, निरंतर प्रदर्शन प्रतिक्रिया और कर्मचारी-केंद्रित नीतियाँ संगठनों को उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ एक सशक्त नियोक्ता छवि स्थापित करने में सहायता करती हैं।
इसके साथ ही, श्रीमती पूजा जैन के अनुसार, अनुपालन, नैतिकता और नवाचार के बीच संतुलन बनाकर मानव संसाधन नेतृत्व की प्रभावशीलता और संगठनात्मक स्थिरता में प्रत्यक्ष योगदान देता है। संक्षेप में, एक सुदृढ़ मानव संसाधन प्रणाली केवल सहायक तंत्र नहीं, बल्कि दीर्घकालिक व्यावसायिक सफलता का एक रणनीतिक सक्षमकर्ता है।

