
छत्तीसगढ़ में आपातकालीन सेवाओं को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक पहल सामने आई है। राज्य सरकार ने अब डायल 112 सेवा को सभी जिलों में सक्रिय कर दिया है, जिससे नागरिकों को तत्काल पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सहायता एक ही नंबर पर मिल सकेगी। यह सेवा पहले केवल चुनिंदा जिलों में उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे राज्यव्यापी स्तर पर लागू कर दिया गया है, जिससे सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
डायल 112 सेवा के तहत GPS ट्रैकिंग से लैस वाहनों, केंद्रित कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम, और तेज रेस्पॉन्स टाइम को प्राथमिकता दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में कॉल करने पर 15 से 20 मिनट के भीतर सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम, मोबाइल यूनिट और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की है। खास बात यह है कि यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहेगी, और इसमें महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटना, आगजनी, घरेलू हिंसा और अन्य आपात स्थितियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री और गृह विभाग ने इस सेवा को जनसुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। साथ ही, यह भी कहा गया कि डायल 112 को जनजागरूकता अभियान के जरिए गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि हर नागरिक को इसकी जानकारी हो और वे संकट के समय इसका लाभ उठा सकें। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्मार्ट और सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

