
इंदौर एयरपोर्ट से लगातार फ्लाइट कैंसिल होने का सीधा असर शहर की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। अनुमान है कि उड़ानें रद्द होने से रोजाना करीब 35 से 40 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा मार एयरपोर्ट ऑपरेशंस, एयरलाइंस और यात्रियों पर पड़ी है, जहां टिकट कैंसिलेशन, री-शेड्यूलिंग और कम यात्री भार के कारण राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
इंदौर जैसे व्यापारिक शहर के लिए यह स्थिति चिंता का विषय मानी जा रही है।
फ्लाइट संचालन प्रभावित होने से होटल, पर्यटन और टैक्सी उद्योग भी संकट में आ गया है। एयरपोर्ट से जुड़े होटल्स में बुकिंग रद्द हो रही हैं, वहीं टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंसियों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। टैक्सी चालकों का कहना है कि एयरपोर्ट से मिलने वाली दैनिक सवारियों में भारी गिरावट आई है, जिससे उनकी आमदनी सीधे प्रभावित हो रही है। बिज़नेस ट्रैवल और कॉरपोरेट विज़िट कम होने से शहर के स्थानीय कारोबार पर भी असर दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर फ्लाइट कैंसिलेशन की समस्या लंबे समय तक बनी रही, तो इंदौर की कनेक्टिविटी और निवेश छवि को नुकसान पहुंच सकता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस के स्तर पर बेहतर शेड्यूलिंग, तकनीकी सुधार और वैकल्पिक व्यवस्थाएं जरूरी मानी जा रही हैं, ताकि यात्रियों का भरोसा लौटे और आर्थिक गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ सकें।

