
उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत बड़े रोजगार अभियान के साथ होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में करीब 1.5 लाख सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। विभिन्न विभागों—पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और तकनीकी सेवाओं—में चरणबद्ध तरीके से भर्तियां निकाली जाएंगी। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए युवाओं को समयबद्ध नियुक्ति देना है, जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ें।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 10 वर्षों में करीब 10 लाख युवाओं को रोजगार देकर राज्य एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन, कंप्यूटर आधारित परीक्षा और मेरिट-आधारित चयन पर जोर रहेगा, ताकि फर्जीवाड़े पर लगाम लगे और चयन निष्पक्ष हो। इस अभियान से शहरी के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य की कार्यबल भागीदारी मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां निकलने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और निजी क्षेत्र में भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने संकेत दिए हैं कि भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि उम्मीदवार तैयारी की स्पष्ट योजना बना सकें। साथ ही, विभागीय रिक्तियों की नियमित समीक्षा कर आगे भी रोजगार सृजन जारी रखने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

