
भारत के प्रख्यात मूर्तिकार राम सुतार का नोएडा में निधन हो गया। उन्होंने अपनी अंतिम सांस नोएडा में ली। राम सुतार आधुनिक भारत के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थे, जिनकी कृतियां देश की पहचान बन चुकी हैं। उनके निधन से कला जगत, संस्कृति प्रेमियों और देश ने एक ऐसे शिल्पकार को खो दिया है, जिनकी रचनाएं पीढ़ियों तक प्रेरणा देती रहेंगी।
राम सुतार को वैश्विक पहचान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार के रूप में मिली। सरदार वल्लभभाई पटेल की यह विशाल प्रतिमा न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में शामिल है। इसके अलावा उन्होंने देश-विदेश में कई ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व की मूर्तियां गढ़ीं, जिनमें नेतृत्व, संघर्ष और भारतीय आत्मा की झलक साफ दिखाई देती है।
उनके निधन पर अयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाने वाले शिल्पकार योगीराज ने भावुक होकर यादें साझा कीं। योगीराज ने कहा कि राम सुतार सिर्फ एक महान कलाकार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक थे। उनकी सादगी, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। कला जगत का मानना है कि राम सुतार की विरासत भारतीय शिल्प परंपरा को आने वाले दशकों तक जीवित रखेगी।


