
अडानी एयरपोर्ट्स के निदेशक जीत अडानी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कंपनी का विदेशी एयरपोर्ट्स में विस्तार करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप अपनी पूरी रणनीतिक और पूंजीगत ताकत भारत के एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाएगा। उनका जोर देश के भीतर एयरपोर्ट क्षमता बढ़ाने, यात्री सुविधाओं को बेहतर करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर रहेगा।
जीत अडानी के मुताबिक, भारत में एयर ट्रैफिक तेज़ी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में देश दुनिया के सबसे बड़े एविएशन मार्केट्स में शामिल होगा। ऐसे में घरेलू एयरपोर्ट्स पर निवेश करना ज्यादा व्यावहारिक और दीर्घकालिक दृष्टि से फायदेमंद है। अडानी एयरपोर्ट्स पहले ही कई बड़े शहरों में एयरपोर्ट्स का संचालन कर रही है और अब उनका लक्ष्य इन्हें ग्लोबल स्टैंडर्ड तक ले जाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला Adani Group की ‘India-first’ रणनीति को दर्शाता है। घरेलू एविएशन सेक्टर में बढ़ती मांग, नए रीजनल रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के चलते भारत में निवेश से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है। इस रुख से यह साफ है कि अडानी ग्रुप फिलहाल अंतरराष्ट्रीय विस्तार के बजाय देश के भीतर गहराई से ग्रोथ पर ध्यान देगा।

