
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम की प्लेइंग-11 को लेकर चर्चाएं तेज हैं। टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ा सवाल विकेटकीपिंग और तेज गेंदबाजी संयोजन को लेकर है। विकेटकीपर के तौर पर Sanju Samson और Ishan Kishan के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। जहां संजू सैमसन अपनी स्थिर बल्लेबाजी और शांत विकेटकीपिंग के लिए जाने जाते हैं, वहीं ईशान किशन पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत दिलाने की क्षमता रखते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अगर टीम संतुलन को प्राथमिकता देती है तो मिडिल ऑर्डर में भरोसेमंद विकल्प के रूप में संजू सैमसन को बढ़त मिल सकती है। वहीं, तेज रनरेट की जरूरत होने पर ईशान किशन को ओपनर या फ्लोटिंग विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर उतारा जा सकता है। दोनों ही खिलाड़ियों का हालिया फॉर्म और बड़े मैचों का अनुभव चयन में अहम भूमिका निभा सकता है।
तेज गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ा नाम Jasprit Bumrah का है। सवाल यह है कि क्या बुमराह इकलौते स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज होंगे या उनके साथ एक और पेसर को मौका मिलेगा। मौजूदा ट्रेंड को देखें तो टीम एक तेज गेंदबाज और दो-तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है, जो जरूरत पड़ने पर तेज गेंदबाजी का विकल्प दें। इससे बल्लेबाजी गहराई बढ़ेगी, लेकिन डेथ ओवर्स में दबाव बुमराह पर ज्यादा रहेगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ICC Men’s T20 World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम संयोजन हालात और विपक्षी टीम के हिसाब से बदला जा सकता है। भारत की संभावित प्लेइंग-11 में टॉप ऑर्डर मजबूत रखने, मिडिल ऑर्डर में फिनिशर्स और गेंदबाजी में विविधता लाने पर जोर रहेगा। आखिरी फैसला टूर्नामेंट से ठीक पहले खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म देखकर लिया जा सकता है।

