
भारत में कीवी फल की ऊंची कीमतें जल्द ही इतिहास बन सकती हैं। अभी जहां बाजार में एक कीवी करीब 50 रुपये तक बिक रही है, वहीं भारत ने सप्लाई बढ़ाने के लिए एक बड़ी आयात डील कर ली है। इस समझौते का मकसद घरेलू बाजार में कीवी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को आम उपभोक्ताओं की पहुंच में लाना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सप्लाई चेन मजबूत होते ही आने वाले महीनों में कीवी के दामों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है।
इस डील के तहत भारत में उच्च गुणवत्ता वाली कीवी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। माना जा रहा है कि यह समझौता प्रमुख निर्यातक देश New Zealand जैसे देशों से आयात बढ़ाने से जुड़ा है, जहां कीवी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। आयात बढ़ने से न सिर्फ थोक बाजार में कीमतें कम होंगी, बल्कि खुदरा स्तर पर भी उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।
फल व्यापार से जुड़े जानकारों का कहना है कि अभी सीमित आपूर्ति और ज्यादा डिमांड की वजह से कीवी महंगी बिक रही है। नई डील के बाद बाजार में कीवी की भरमार होगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कीमतें अपने आप नीचे आएंगी। इसके अलावा, बेहतर लॉजिस्टिक्स और कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था से फल की बर्बादी भी कम होगी, जिसका असर दामों पर पड़ेगा।
पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक, कीवी विटामिन-C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल है, लेकिन महंगी कीमतों के कारण यह आम लोगों की थाली तक सीमित मात्रा में ही पहुंच पाता था। कीमतें कम होने के बाद कीवी की खपत बढ़ने की उम्मीद है, जिससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को फायदा होगा बल्कि फल बाजार और आयात कारोबार को भी नई रफ्तार मिलेगी।

