
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे 17 साल बाद देश लौटे हैं। राजधानी पहुंचते ही करीब एक लाख कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस शक्ति प्रदर्शन को आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां उन्हें प्रधानमंत्री पद का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
एयरपोर्ट से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। पार्टी झंडे, नारेबाजी और रोड शो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जमीनी स्तर पर उनके लिए मजबूत समर्थन मौजूद है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतने लंबे अंतराल के बाद वापसी के बावजूद समर्थकों की यह मौजूदगी उनकी राजनीतिक पकड़ को दर्शाती है।
बताया जा रहा है कि विदेश में रहने के दौरान भी वे पार्टी रणनीति और संगठन से जुड़े रहे। उनकी वापसी से विपक्षी दलों की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वे देशभर का दौरा कर पार्टी को फिर से संगठित करने और चुनावी रणनीति को धार देने पर फोकस करेंगे।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, खालिदा जिया की विरासत और समर्थकों का भरोसा उन्हें सत्ता की दौड़ में मजबूत बनाता है। 17 साल बाद यह वापसी न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से अहम है, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में नए समीकरण गढ़ने वाली साबित हो सकती है।

