
भारतीय सर्राफा बाजार और वैश्विक कमोडिटी मार्केट में चांदी (Silver) की कीमतों में अब तक जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, और कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में यह तेजी जारी रह सकती है। कुछ विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार 2026 में चांदी की कीमत लगभग 18 % तक और बढ़ सकती है, जिसे निवेशकों और मार्केट विश्लेषकों ने सकारात्मक संकेत के तौर पर लिया है।
आज सर्राफा बाजार में चांदी का भाव रिकॉर्ड स्तर पर रहा, और 26 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत करीब ₹2.32 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुँच गई। इस उछाल का कारण बढ़ती मांग, सीमित आपूर्ति और निवेशकों की दिलचस्पी को बताया जा रहा है। सोने की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कीमती धातुओं के बाज़ार में कुल मिलाकर तेजी बनी हुई है।
विश्लेषकों के मुताबिक, 2025 में चांदी की मजबूती उद्योगिक और निवेश दोनों तरफ से बढ़ी मांग के कारण रही है। विशेष रूप से सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में चांदी का व्यापक उपयोग इसकी कीमतों को समर्थन दे रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि जैसी वैश्विक परिस्थितियाँ बनी हुई हैं, उससे 2026 में भी कीमतें स्थिर से ऊपर की ओर रुख कर सकती हैं।
हालाँकि, विशेषज्ञ निवेशकों को समझदारी से निर्णय लेने की सलाह भी दे रहे हैं, क्योंकि कमोडिटी की कीमतें वैश्विक आर्थिक नीतियों और मांग-सप्लाई संतुलन पर निर्भर करती हैं। निवेशक इन सब जोखिमों को ध्यान में रखते हुए ही मार्केट में प्रवेश करें।

