
हाल ही में विवाह बंधन में बंधे दो युवा आईपीएस अधिकारियों को लेकर अफसरशाही के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। शादी की रस्में तो संपन्न हो गईं, लेकिन अब असली मंथन इस बात को लेकर है कि आखिर दोनों अधिकारी किस कैडर में अपनी सेवाएं देंगे।
सूत्रों के मुताबिक, यह चर्चा अब निजी बातचीत से निकलकर प्रशासनिक विमर्श का विषय बन चुकी है। सवाल यह है कि
क्या साहब मैडम के कैडर में जाएंगे,
या फिर मैडम अपने कैडर परिवर्तन कर साहब के प्रदेश में सेवा देंगी?
सूत्रों की मानें तो प्रबल संभावना इस बात की जताई जा रही है कि मैडम अपना कैडर परिवर्तित कर साहब के कैडर में आ सकती हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि साहब के कैडर में कार्य की व्यापक संभावनाएं, प्रशासनिक प्रभाव और विविध अनुभव अपेक्षाकृत अधिक हैं।
हालांकि, यह भी चर्चा है कि मैडम जल्द ही कैडर परिवर्तन को लेकर औपचारिक आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। नियमों के तहत यह प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक है, लेकिन अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर ही होता है।
फिलहाल, शादी की खुशियों के बीच यह कैडर-चर्चा अफसरशाही के ड्रॉइंग रूम, व्हाट्सएप ग्रुप और कॉरिडोर कन्वर्सेशन का हॉट टॉपिक बनी हुई है।
अफसरशाही जानकारों का कहना है कि यह मामला न केवल व्यक्तिगत निर्णय का है, बल्कि यह सेवा, संतुलन और भविष्य की रणनीति से भी जुड़ा हुआ है।
अब देखना यह होगा कि यह युवा आईपीएस दंपती किस दिशा में अपना अगला प्रशासनिक कदम बढ़ाता है।

