
वैश्विक कमोडिटी मार्केट में सोना, चांदी और तांबा ने हाल के रिकॉर्ड रैली के बाद 13% तक की गिरावट दर्ज की। निवेशक और ट्रेडर्स अब चिंतित हैं कि इस तेजी के बाद अचानक आई गिरावट के पीछे कौन‑कौन से कारण हैं।
🔹 1️⃣ डॉलर मजबूत होने का असर (Strong Dollar Impact)
- अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर कॉमोडिटी कीमतों पर विपरीत प्रभाव डालता है।
- डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग कम होती है।
🔹 2️⃣ वैश्विक ब्याज दरों में बढ़ोतरी (Rising Global Interest Rates)
- अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों में इजाफ़ा निवेशकों को कमोडिटी से हटकर बॉन्ड और अन्य फिक्स्ड‑इंकम एसेट्स की ओर ले जाता है।
- इससे सोना और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा।
🔹 3️⃣ मांग‑आपूर्ति का संतुलन (Supply-Demand Correction)
- सोना, चांदी और तांबा में हालिया तेजी के बाद बाजार में सप्लाई बढ़ गई और मांग स्थिर हो गई।
- यह कीमतों के समायोजन (correction) का सामान्य संकेत है।
🔹 4️⃣ निवेशकों की बिकवाली (Profit Booking by Investors)
- रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचने के बाद निवेशक मुनाफ़ा निकाल रहे हैं (profit booking)।
- इससे शॉर्ट‑टर्म में कीमतों में तेज़ गिरावट देखने को मिली।
वर्तमान कीमतें (Current Commodity Prices)
- Gold: ₹58,200 प्रति 10 ग्राम (लगभग 12% गिरावट)
- Silver: ₹68,500 प्रति किलो (लगभग 10% गिरावट)
- Copper: ₹740 प्रति किलो (लगभग 13% गिरावट)
ध्यान दें: कीमतें बाज़ार और अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुसार लगातार बदल रही हैं।
निष्कर्ष
हाल की record rally के बाद सोना, चांदी और तांबा की गिरावट बाजार में सामान्य मूल्य समायोजन और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों का परिणाम है। निवेशकों को सलाह है कि वे शॉर्ट‑टर्म उतार‑चढ़ाव में घबराएँ नहीं और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान दें।

