
सलमान खान की नई फिल्म ‘Battle Of Galwan’ के ट्रेलर और पोस्टर के जारी होते ही चीन की ओर से प्रतिक्रिया आई है। बीजिंग ने कहा कि यह फिल्म 2020 में भारत-चीन सीमा पर हुए Galwan Valley संघर्ष को लेकर संवेदनशील भावनाओं को भड़का सकती है।
फिल्म की कहानी 2020 के वास्तविक घटनाक्रम पर आधारित है, जब भारत और चीन के सैनिक Ladakh के Galwan Valley में आमने-सामने आए थे। उस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और यह घटना दोनों देशों के बीच संबंधों में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।
2020 Galwan Clash की याद
- 15 जून 2020 को, Galwan Valley में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई।
- इस झड़प में सैनिकों को भारी नुकसान हुआ, और यह क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीति पर गंभीर असर डालने वाली घटना साबित हुई।
- इस संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव और बढ़ गया, और दोनों देशों ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी।
फिल्म और विवाद
सलमान खान की फिल्म Battle Of Galwan 2025 के अंत में रिलीज़ के लिए तैयार है।
- फिल्म का उद्देश्य उस संघर्ष की वीरता और शौर्य को दिखाना बताया जा रहा है।
- हालांकि, चीन ने यह कहा कि फिल्म के प्रमोशन या कथानक से देश की छवि और संवेदनशीलता प्रभावित हो सकती है।
- भारत की फिल्म निर्माताओं ने जवाब में कहा कि यह कहानी देशभक्ति और ऐतिहासिक घटना पर आधारित है, न कि किसी देश के खिलाफ है।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
विशेषज्ञ मानते हैं कि सिनेमाई प्रस्तुतियाँ अक्सर राजनीतिक विवादों को जन्म देती हैं। Galwan Clash जैसी संवेदनशील घटनाओं पर आधारित फिल्में देश के अंदर उत्साह बढ़ा सकती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशीलता भी पैदा कर सकती हैं।
Salman Khan की ‘Battle Of Galwan’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि 2020 की यादगार और भावनात्मक घटना का सिनेमाई रूप है। चीन की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि ऐतिहासिक और राजनीतिक घटनाओं को लेकर फिल्में हमेशा अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से निगरानी में रहती हैं।

