
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक मानव तस्करी से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने चौथे पति के साथ मिलकर एक मासूम बच्ची को अगवा कर उसे बेचने की योजना बनाई थी। आरोपी महिला की पहचान शारदा के रूप में हुई है, जो पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रह चुकी है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, शारदा ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया था और उसे ग्वालियर या राजस्थान में बेचने की योजना बना रही थी। पुलिस को इस मामले की भनक एक गुप्त सूचना के आधार पर लगी, जिसके बाद साइबर सेल और स्थानीय थाने की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में यह भी सामने आया कि शारदा पहले भी तीन शादियां कर चुकी है और उसका आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी, अपहरण और बाल संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। बच्ची को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेज दिया गया है और उसे काउंसलिंग व पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मानव तस्करी के नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
यह घटना न केवल बाल सुरक्षा के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी को रेखांकित करती है, बल्कि समाज में जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को भी उजागर करती है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

