
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय को बुधवार देर रात इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस हो रही थी, जिसके चलते उन्हें एहतियातन अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है, और यह केवल शारीरिक थकावट का मामला था।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कैलाश विजयवर्गीय को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए भर्ती किया गया था और उनकी सभी रिपोर्ट सामान्य आई हैं। उन्हें कुछ घंटे निगरानी में रखा गया और फिर विश्राम की सलाह देकर छुट्टी दे दी गई। मंत्री के करीबी सूत्रों ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों में व्यस्त थे, जिससे उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया। इस घटना के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन डॉक्टरों के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। मंत्री ने स्वयं भी सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर कहा कि वे स्वस्थ हैं और जल्द ही फिर से सक्रिय रूप से काम पर लौटेंगे।

