
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। ट्रम्प ने खुले तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका की शर्तों और नीतियों का पालन नहीं करती है, तो उसका अंजाम मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से भी ज्यादा बुरा हो सकता है। ट्रम्प के इस बयान को लैटिन अमेरिका की राजनीति में तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
अपने बयान में ट्रम्प ने संकेत दिया कि अमेरिका वेनेजुएला की सत्ता और राजनीतिक दिशा पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मादुरो सरकार के खिलाफ पहले ही कड़े कदम उठाए जा चुके हैं और अगर नई नेतृत्व व्यवस्था भी अमेरिका के हितों के खिलाफ जाती है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब वेनेजुएला लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प का यह बयान उनकी आक्रामक विदेश नीति की शैली को दर्शाता है, जिसमें दबाव और चेतावनी को मुख्य हथियार बनाया जाता है। अमेरिका पहले भी वेनेजुएला पर प्रतिबंध, कूटनीतिक दबाव और आर्थिक पाबंदियां लागू करता रहा है। अब अंतरिम राष्ट्रपति को लेकर दिया गया यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका अपनी लाइन से हटने वाली किसी भी सरकार के प्रति सख्त रुख अपनाने को तैयार है।
इस बयान के बाद वेनेजुएला संकट एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बयानों से हालात और जटिल हो सकते हैं, क्योंकि देश पहले ही गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट का सामना कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देती है और अमेरिका-वेनेजुएला संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

