
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती डिमांड अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल सकती है। टेक इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक, AI के तेजी से विस्तार के कारण मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे डिवाइसेज की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आने वाले समय में नए स्मार्टफोन और पीसी खरीदना पहले से ज्यादा महंगा साबित हो सकता है।
दरअसल, AI आधारित सर्विसेज और डिवाइसेज के लिए हाई-परफॉर्मेंस मेमोरी चिप्स की भारी मांग पैदा हो गई है। कंपनियां बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग और AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए मेमोरी स्टोरेज का इस्तेमाल कर रही हैं। इसका नतीजा यह है कि सामान्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है।
मेमोरी की कमी का सीधा असर प्रोडक्शन कॉस्ट पर पड़ रहा है, जिससे स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों की लागत बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों तक ट्रांसफर कर सकती हैं। इसका मतलब यह है कि आने वाले महीनों में डिवाइसेज की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI का यह दौर लंबा चलने वाला है, इसलिए कीमतों में यह दबाव अस्थायी नहीं माना जा रहा। हालांकि, लंबे समय में सप्लाई बढ़ने और नई टेक्नोलॉजी आने से हालात संतुलित हो सकते हैं। फिलहाल, AI की भूख मोबाइल और लैपटॉप यूजर्स के लिए महंगाई का कारण बनती नजर आ रही है।

