brandwaani.in

🕒 --:--:--
---
ब्रांडवाणी समाचार
Gold (10g) ₹-- --
Silver (1kg) ₹-- --
Weather
Loading Data...

Indore Contaminated Water Deaths – इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि गंदा पानी पीने से उल्टी-दस्त की गंभीर समस्या फैली, जिसके बाद कुछ ही दिनों में कई लोगों की जान चली गई। वहीं, सरकारी रिकॉर्ड में मौतों की संख्या कम बताई जा रही है, जिससे विवाद और गहराता जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाही के आरोप में नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और एक इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक अन्य अधिकारी की सेवाएं समाप्त की गई हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और बीमार लोगों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा भी की है।

जांच में सामने आया है कि इलाके की मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज था, जिसके ऊपर शौचालय बना हुआ था। इसी कारण पीने का पानी दूषित हुआ और बीमारी फैली। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की है, ताकि जिम्मेदारों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।

 

इस पूरे घटनाक्रम पर हाईकोर्ट ने भी सख्त संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को तत्काल मुफ्त इलाज मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर की छवि पर इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उंगलियां उठ रही हैं।

gaurav
Author: gaurav

  • Related Posts

    सागर कलेक्टर संदीप जीआर की बढ़ी मुश्किलें: 25 लाख के निजी काम और बिल रोकने के गंभीर आरोप, क्या गिरेगी गाज?

    सागर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों भारी हलचल है। अशोकनगर और सिंगरौली कलेक्टरों पर हुई हालिया कार्रवाई के बाद अब सागर कलेक्टर संदीप जीआर (Sagar Collector Sandeep GR)…

    Read more

    आगे पढ़े
    भ्रष्टाचार बनाम नियम का जाल: विकास की बलि चढ़ती मध्यप्रदेश की जनता और व्यापारी ?

    अधिकारी चाहे ‘ईमानदार‘ हों या ‘भ्रष्ट‘, पिस रही है जनता; नियमों की आड़ में विकास पर लगा ब्रेक भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नई बहस छिड़ गई है। मुख्य…

    Read more

    आगे पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *