
दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक स्तर पार कर लिया है। 31 अक्टूबर को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 373 तक पहुंच गया, जो कि ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। सुबह से ही शहर के कई इलाकों में धुंध और धुएं की मोटी परत देखी गई, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
विशेष रूप से आनंद विहार, पंजाबी बाग, द्वारका और आईटीओ जैसे क्षेत्रों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और मौसम की स्थिरता इस प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। दिल्ली सरकार ने ग्रीन वार रूम, एंटी स्मॉग गन और पानी के छिड़काव जैसे उपाय किए हैं, लेकिन प्रभाव सीमित ही रहा है।
स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी पर रोक, निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, और वाहनों की मॉनिटरिंग जैसे निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, GRAP (Graded Response Action Plan) के तहत कई सख्त कदम उठाए गए हैं, लेकिन प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

