
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कोलंबिया के राष्ट्रपति ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को खुली चेतावनी दी। अपने बयान में उन्होंने कहा कि अगर किसी में दम है तो उन्हें पकड़कर दिखाए। इस तीखे बयान को सीधे तौर पर अमेरिका को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है और यह सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
कोलंबियाई राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब लैटिन अमेरिकी देशों और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। उनके इस रुख को राष्ट्रीय संप्रभुता और आत्मसम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह बयान बाहरी दबाव के खिलाफ मजबूती दिखाता है, जबकि आलोचक इसे अनावश्यक उकसावे के रूप में देख रहे हैं।
इस घटनाक्रम की तुलना वेनेजुएला के राष्ट्रपति के पुराने बयान से की जा रही है, जब उन्होंने भी अमेरिका को इसी तरह की चुनौती दी थी। उस समय बयान ने वैश्विक स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं और दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी और बढ़ गई थी। अब कोलंबिया के राष्ट्रपति का बयान उसी तरह की स्थिति पैदा करता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयान कूटनीतिक रिश्तों को और जटिल बना सकते हैं। अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर है कि इस बयान पर अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या होती है।

