
भारत के टेक और टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि रिलायंस जियो अपना खुद का AI प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि यह प्लेटफॉर्म बिजनेस, कस्टमर सर्विस, डेटा एनालिसिस और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा। जियो का यह कदम भारत को ग्लोबल AI रेस में मजबूत स्थिति दिलाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इसी बीच, AI को लेकर बढ़ती हलचल का असर बाजार पर भी दिखने लगा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश की टॉप-10 कंपनियों की मार्केट वैल्यू में करीब ₹3.63 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक AI के चलते बदलते बिजनेस मॉडल और भविष्य की अनिश्चितताओं को लेकर सतर्क हो गए हैं, जिससे बड़ी कंपनियों की वैल्यूएशन पर दबाव आया है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल से ऑफिस के कामकाज में भी बड़ा बदलाव आने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगली पीढ़ी के AI सिस्टम ईमेल मैनेजमेंट, रिपोर्टिंग, डेटा प्रोसेसिंग और प्रोजेक्ट प्लानिंग जैसे कार्यों में इंसानों से ज्यादा तेज और सटीक साबित हो सकते हैं। इससे कई व्हाइट-कॉलर नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां एक ओर AI से उत्पादकता और दक्षता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को खुद को नए स्किल्स के साथ तैयार करना होगा। जियो जैसे बड़े खिलाड़ियों की AI एंट्री यह संकेत देती है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, बाजार और जॉब मार्केट—तीनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

