
डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच टेलीविजन के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर आलोक जैन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आज भी करीब 90 प्रतिशत कंटेंट टेलीविजन के लिए ही बनाया जाता है, जो इस माध्यम की ताकत और पहुंच को दर्शाता है। उनके मुताबिक, टीवी आज भी देश के सबसे बड़े दर्शक वर्ग से जुड़ा हुआ है।
आलोक जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि टेलीविजन कभी खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि हर दौर में माध्यम बदलते हैं, लेकिन टीवी ने हर बदलाव के साथ खुद को ढाल लिया है। चाहे कंटेंट का स्वरूप हो, कहानी कहने का तरीका हो या टेक्नोलॉजी—टेलीविजन ने समय के हिसाब से खुद को लगातार अपडेट किया है।
उन्होंने दर्शकों की बदलती सोच पर भी बात की। जैन के अनुसार, आज का दर्शक ज्यादा जागरूक, समझदार और विकल्पों से भरा हुआ है, इसलिए कंटेंट मेकर्स को भी उसी स्तर पर सोचने और प्रयोग करने की जरूरत है। यही वजह है कि टीवी कंटेंट अब पहले से ज्यादा विविध, विषय-आधारित और समाज से जुड़ा हुआ नजर आता है।
मीडिया एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बावजूद टेलीविजन की पहुंच और भरोसा अब भी बरकरार है। आलोक जैन का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि इंडस्ट्री बदलाव से डरने के बजाय उसे अपनाकर आगे बढ़ रही है, और आने वाले समय में टीवी और भी नए रूप में दर्शकों के सामने मौजूद रहेगा।

