
मुंबई की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है। इस जीत के साथ ही मुंबई की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली माने जा रहे ठाकरे ब्रदर्स का दबदबा कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
इस चुनावी जीत में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हुआ। दोनों दलों के बीच तालमेल ने वोटों का गणित पूरी तरह बदल दिया और विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा।
BMC पर दशकों तक ठाकरे परिवार का वर्चस्व रहा है, लेकिन इस बार मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में फैसला सुनाया। चुनाव परिणामों के बाद यह साफ हो गया है कि मुंबई की नगर राजनीति में अब नई सत्ता संरचना उभर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर महाराष्ट्र की आगामी राजनीति पर भी पड़ेगा। वहीं, ठाकरे खेमे के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का संकेत माना जा रहा है।

