
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स करीब 600 अंक गिरकर 82,950 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 200 अंकों की तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार की इस कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स पर इसका असर दिखाई दिया।
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से दी गई टैरिफ लगाने की धमकी मानी जा रही है। वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव देखा गया, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। खासकर आईटी, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली ज्यादा देखने को मिली।
विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की सतर्कता भी गिरावट की एक अहम वजह है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने से निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और अमेरिका की नीतियों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट चुनिंदा शेयरों में निवेश का मौका भी बन सकती है, लेकिन जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है।

