
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर निवेशकों की निगाहें सरकार पर टिकी हुई हैं। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशक इस बार ऐसे प्रावधानों की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे निवेश को बढ़ावा मिले और टैक्स का बोझ कुछ हद तक कम हो। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बजट निवेशक-अनुकूल रहा, तो इसका सीधा असर शेयर बाजार की तेजी पर भी देखने को मिल सकता है।
निवेशकों की पहली और सबसे बड़ी मांग ₹2 लाख तक के कैपिटल गेन को टैक्स फ्री करने की है। मौजूदा व्यवस्था में छोटे निवेशकों को भी टैक्स के दायरे में आना पड़ता है, जिससे उनकी वास्तविक कमाई घट जाती है। टैक्स फ्री सीमा बढ़ने से रिटेल निवेशकों को राहत मिलेगी और बाजार में लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
दूसरी अहम उम्मीद शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG) में कटौती को लेकर है। निवेशकों का मानना है कि मौजूदा STCG टैक्स दरें ट्रेडिंग और शॉर्ट टर्म निवेश को हतोत्साहित करती हैं। अगर सरकार इसमें कमी करती है, तो बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफा हो सकता है।
तीसरी बड़ी मांग ट्रांजेक्शन टैक्स में राहत की है। निवेशकों और बाजार सहभागियों का कहना है कि बार-बार लगने वाले ट्रांजेक्शन टैक्स से निवेश की लागत बढ़ जाती है। अगर बजट 2026 में इन टैक्सों को कम किया जाता है, तो यह शेयर बाजार को नई ऊर्जा दे सकता है और निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।

