
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को लंबे समय से उस ‘गियर शिफ्ट’ का इंतज़ार है जो सेक्टर को अगले स्तर पर ले जा सके। अब उद्योग की नज़रें Budget 2026 पर टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला बजट ऑटो सेक्टर के लिए अहम फैसलों का रास्ता खोल सकता है, खासकर ऐसे समय में जब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), बैटरी टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन में तेज़ बदलाव हो रहा है।
⚙️ क्यों महत्वपूर्ण है Budget 2026?
ऑटो सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है —
- लाखों लोगों को रोजगार देता है
- MSME सप्लाई चेन को सपोर्ट करता है
- Export और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ में योगदान करता है
पिछले दो वर्षों में महामारी असर, ईंधन कीमतें, और ब्याज दरों ने डिमांड पर दबाव डाला था। उद्योग अब उम्मीद कर रहा है कि सरकार कर राहत, सब्सिडी और प्रोडक्शन सपोर्ट के जरिए वृद्धि को गति दे सकती है।
🚗 EV Ecosystem पर सबसे ज्यादा नजर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सरकार EV adoption को बढ़ाने के लिए इन बिंदुओं पर काम कर सकती है:
- Battery manufacturing incentives
- Charging infrastructure विकास
- FAME जैसी योजनाओं का विस्तार
- GST structure में बदलाव
अगर ये कदम उठाए गए, तो भारत EV मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक प्रतिस्पर्धा हासिल कर सकता है।
🔧 ICE Vehicles और Hybrid Segment के लिए भी राहत की उम्मीद
सिर्फ EV नहीं — इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) वाहनों और हाइब्रिड मॉडल्स के लिए भी उद्योग Tax rationalization और duty relief की अपेक्षा कर रहा है। कंपनियाँ मानती हैं कि इससे उपभोक्ताओं के लिए affordability बढ़ेगी और डिमांड में सुधार आएगा।
📦 Supply Chain और MSME को बढ़ावा
ऑटो सप्लाई-चेन का बड़ा हिस्सा MSME से जुड़ा है। उद्योग चाहती है कि सरकार:
- क्रेडिट सपोर्ट
- तेज़ लोन अप्रूवल
- लॉजिस्टिक्स में सुधार
- टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन स्कीम
जैसे कदमों को शामिल करे। इससे उत्पादन लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
📈 Industry का Outlook क्या कहता है?
विश्लेषकों के अनुसार, अगर Budget 2026 में मजबूत नीतिगत संकेत मिले तो:
- ऑटो रिटेल में रिकवरी
- निर्यात वृद्धि
- नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
- Job creation
जैसे क्षेत्रों में तेजी देखी जा सकती है।

