
इक्विटी मार्केट पर नजर रखने वाले जाने-माने विश्लेषक सुशील केडिया ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा है कि निफ्टी 2026 के अंत तक 32,000 के स्तर तक पहुँच सकता है। यह लक्ष्य मौजूदा स्तरों से करीब 28% की संभावित बढ़त को दर्शाता है, जो निवेशकों के लिए एक मजबूत बुलिश संकेत माना जा रहा है।
📈 क्यों दिख रही है इतनी तेज़ी की संभावना?
केडिया के अनुसार, भारतीय बाजार में तेजी को सपोर्ट करने वाले कई प्रमुख कारक मौजूद हैं:
- मजबूत कॉरपोरेट earnings
- Capex एवं इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकारी निवेश
- Consumption demand में सुधार
- Domestic liquidity का दबदबा
- Global investors का बढ़ता विश्वास
विशेष रूप से बैंकिंग, इंफ्रा, IT और Auto सेक्टर में वृद्धि की संभावनाएँ उजागर की गई हैं।
💰 Domestic Investors की भूमिका बनी अहम
पिछले कुछ वर्षों में घरेलू निवेशकों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। SIP inflows और रिटेल ट्रांजैक्शंस ने बाजार को मजबूत आधार दिया है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी स्थिरता दिखा रहा है।
🌍 Global Factors भी सपोर्ट में
कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स यह संकेत दे रही हैं कि भारत वैश्विक निवेश आकर्षण का केंद्र बन रहा है। De-risking और supply chain reshuffling की वजह से कंपनियाँ भारत की ओर झुकाव दिखा रही हैं, जिससे पूंजी प्रवाह की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।
🧮 Valuation पर क्या है दृष्टिकोण?
हालांकि भारतीय बाजार valuation की दृष्टि से प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि उच्च growth projection और earnings visibility इस प्रीमियम को जायज़ ठहराते हैं।
🔔 निवेशकों के लिए क्या संदेश?
केडिया का कहना है कि निवेशकों के लिए correction और consolidation के दौरान quality stocks में positions जोड़ने का अवसर रहेगा। Long-term investors के लिए बाजार में फिलहाल सकारात्मक थीम्स हावी हैं।

