
योग विशेषज्ञ और वेलनेस कोच सोनाक्षी धमीजा का कहना है कि आज की डिजिटल लाइफ़स्टाइल में Gen Z और डेस्क-बाउंड प्रोफेशनल्स के लिए योग पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। स्क्रीन टाइम और लंबे समय तक बैठकर काम करने से युवाओं में बैक पेन, स्ट्रेस, एंग्ज़ायटी और नींद की समस्याएँ बढ़ रही हैं।
धमीजा कहती हैं कि रोज़ थोड़ा समय योग के लिए निकालना शरीर को मोबिलिटी देता है और दिमाग को रीसेट करता है। “आज के समय में दोनों ज़रूरी हो गए हैं,” उन्होंने बताया।
उन्होंने ऐसे आसान आसन सुझाए जिन्हें घर पर या ऑफिस ब्रेक में भी किया जा सकता है:
- कैट-काउ पोज़ (मार्जरी-बीतीलासन) — रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है
- फॉरवर्ड फोल्ड (उत्तानासन) — हैमस्ट्रिंग और लोअर बैक की जकड़न दूर करता है
- सीटेड ट्विस्ट — डेस्क स्ट्रेन कम करता है, डाइजेशन सुधारता है
- ब्रिज पोज़ (सेतु बंधासन) — बैक और ग्लूट्स को स्ट्रेंथ देता है
- प्राणायाम व ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ — तनाव कम करके फोकस बढ़ाते हैं
वेलनेस प्लेटफ़ॉर्म्स के अनुसार, 10–15 मिनट के माइक्रो-मोबिलिटी सेशन्स और ब्रीदिंग प्रैक्टिसेज़ की मांग बढ़ रही है, खासकर ऑफिस वर्कर्स, स्टूडेंट्स और हाइब्रिड जॉब प्रोफेशनल्स में।
वर्कप्लेस में मेंटल हेल्थ की जागरूकता बढ़ने और Gen Z के लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ, योग सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं रहकर स्टेस मैनेजमेंट और प्रिवेंटिव केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।








