
दिल्ली और एनसीआर के आसमान पर एक बार फिर जहरीला स्मॉग छा गया है, जिससे लोगों की सांसें घुट रही हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। 3 नवंबर 2025 को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 366 तक पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर हवाओं और स्थिर मौसम के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में फंस गए हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है।
इस बार पराली जलाने के मामलों में कमी आई है, लेकिन अक्टूबर में बढ़ा हुआ प्रदूषण अब नवंबर में और खतरनाक रूप ले चुका है। PM2.5 का स्तर 189.6 और PM10 का स्तर 316 तक पहुंच गया, जो फेफड़ों, दिल और अस्थमा जैसी बीमारियों के लिए बेहद घातक है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने स्मॉग गन और पानी का छिड़काव जैसे उपाय शुरू किए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हवाएं तेज़ नहीं होतीं और तापमान में बदलाव नहीं आता, तब तक राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। 4 नवंबर तक हालात सुधरने की संभावना बेहद कम है, और तब तक लोगों को मास्क पहनने, घर में रहने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
यह स्थिति एक बार फिर दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता प्रबंधन नीति पर सवाल खड़े करती है, जहां हर साल नवंबर का महीना दमघोंटू साबित होता है। अगर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संकट केवल मौसमी नहीं, बल्कि स्थायी स्वास्थ्य आपदा बन सकता है।

