
छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां देर रात भोजन और पानी की तलाश में जंगल के किनारे घूम रहे चार जंगली हाथी अचानक एक पुराने गहरे कुएं में गिर गए। अंधेरा होने के कारण हाथियों को कुएं का अंदाज़ा नहीं लग पाया और झुंड के साथ चलते हुए वे सीधे नीचे जा गिरे। घटना के बाद आस-पास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। कुएं में फंसे हाथियों की लगातार चिंघाड़ सुनकर वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचने के लिए रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे इलाके में हलचल तेज हो गई।
रेस्क्यू टीम ने आसपास लाइट की व्यवस्था कर के स्थिति का निरीक्षण किया और हाथियों को चोट से बचाने के लिए सावधानीपूर्वक बचाव योजना बनाई। बचाव कार्य के लिए JCB मशीन की मदद ली गई, जिसके जरिए कुएं की दीवारों को कुछ हिस्सों में तोड़ा गया और एक निकास मार्ग बनाया गया, ताकि हाथी आसानी से बाहर निकल सकें। लगभग कई घंटों की मशक्कत के बाद टीम ने एक सुरक्षित ढलान तैयार कर ली और हाथियों को धीरे-धीरे बाहर निकालने में सफलता हासिल की। ग्रामीणों और उपस्थित वन अधिकारियों ने राहत की सांस ली जब सभी चार हाथी सुरक्षित बाहर आ गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल के किनारे ऐसे पुराने कुएं वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। ऐसे में विभाग जल्द ही इस तरह के खुले और खतरनाक स्थानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे पुराने कुओं पर मजबूत जाली, दीवार या चेतावनी पट्टिका लगाने में सहयोग करें, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। इस घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों के इस इलाके में आने की वजह जंगलों में लगातार कम होता भोजन और पानी है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम बदलने के साथ हाथियों का झुंड आबादी वाले क्षेत्रों के करीब आ रहा है, जिससे वन्यजीव-मानव संघर्ष बढ़ सकता है। हालांकि, इस सफल रेस्क्यू ने स्थिति को नियंत्रित कर दिया और किसी भी जान-माल के नुकसान को रोक लिया गया। फिलहाल, हाथियों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वन कर्मी उन पर नजर बनाए हुए हैं।

