
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां तारिक रहमान आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया था, जिससे यह स्पष्ट है कि नई सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन और कूटनीतिक संदेश देना चाहती है। राजधानी ढाका में आयोजित होने वाला यह समारोह क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की ओर से इस समारोह में ओम बिरला भाग लेंगे, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की निरंतरता का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा और प्राथमिकताओं पर नजर रहेगी, खासकर सुरक्षा, व्यापार और सीमा सहयोग जैसे मुद्दों पर।
तारिक रहमान लंबे समय से बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी राजनीति के केंद्र में रहे हैं और अब सत्ता में उनकी वापसी को बड़ा राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है। उनकी पार्टी और समर्थकों के लिए यह सत्ता परिवर्तन का प्रतीकात्मक क्षण है। नई सरकार से आर्थिक सुधार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति, क्षेत्रीय संतुलन और दक्षिण एशिया की कूटनीति पर इस बदलाव का प्रभाव पड़ सकता है। खासकर भारत-बांग्लादेश संबंध, चीन की भूमिका और क्षेत्रीय सहयोग ढांचे पर नई सरकार की नीतियां अहम होंगी। शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि नई सरकार वैश्विक मंच पर सक्रिय भूमिका चाहती है।









