
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गिग इकॉनमी से जुड़े कामगारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐप-आधारित डिलीवरी और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले लाखों गिग वर्कर्स असुरक्षित रोजगार, कम आय और सामाजिक सुरक्षा की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मुश्किलों को नजरअंदाज कर रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गिग वर्क सेक्टर में काम करने वाले कई लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते हैं और उन्हें जाति आधारित भेदभाव का सामना भी करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का प्रश्न है। उनके अनुसार सरकार को गिग वर्कर्स के लिए न्यूनतम वेतन सुरक्षा, बीमा और श्रम अधिकार सुनिश्चित करने चाहिए।
मुलाकात के दौरान गिग वर्कर्स ने आय में अस्थिरता, लंबी कार्य अवधि, दुर्घटना बीमा की कमी और एल्गोरिदमिक नियंत्रण जैसे मुद्दे उठाए। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को संसद और नीति स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में काम करने वाले श्रमिकों को पारंपरिक श्रमिकों की तरह अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गिग इकॉनमी भारत में तेजी से बढ़ रही है और इससे जुड़े श्रमिकों का मुद्दा नीति व राजनीति दोनों में महत्व पा रहा है। राहुल गांधी की यह पहल शहरी और युवा कामगार वर्ग के बीच राजनीतिक संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। गिग वर्कर्स के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और श्रम कानूनों में सुधार आने वाले समय में बड़ा नीति मुद्दा बन सकते हैं।









