
प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक पीएएस अधिकारी की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। लंबे समय से “लूप लाइन” माने जा रहे विभाग में पदस्थ यह अधिकारी अब फिर से “मेन लाइन” में वापसी की कोशिशों में जुटे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी लगातार ऐसे संपर्क और समीकरण साधने में लगे हैं, जिनसे उन्हें किसी प्रभावशाली विभाग या महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में जगह मिल सके।
बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी हाल के दिनों में मंत्रालय से लेकर दिल्ली दरबार तक सक्रिय नजर आए हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से मुलाकात कर अपनी नई पदस्थापना को लेकर समर्थन जुटाने की कोशिश की है। यही कारण है कि विभागीय हलकों में उनकी गतिविधियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि अधिकारी की नाराजगी मौजूदा विभाग में सीमित भूमिका और कम प्रभाव को लेकर है। यही वजह है कि वे ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां उन्हें ताकत और प्रभाव दोनों हासिल हो सकें। प्रशासनिक गलियारों में इसे केवल ट्रांसफर की सामान्य कवायद नहीं, बल्कि “सिस्टम में वापसी” की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। कई लोग इसे आगामी प्रशासनिक फेरबदल से भी जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि अब तक किसी आधिकारिक आदेश या नई पदस्थापना की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती सक्रियता ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मंत्रालय के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि यदि समीकरण सही बैठे, तो संबंधित अधिकारी को जल्द ही किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में देखा जा सकता है। फिलहाल उनकी “मेन लाइन” में वापसी की कोशिश प्रशासनिक हलकों में बहस और अटकलों का बड़ा विषय बनी हुई है।
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