
दिल्ली दंगों के आरोपी रहे छात्र नेता उमर खालिद को लेकर एक बार फिर सियासत गर्मा गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में दिए एक बयान में उमर खालिद को बेगुनाह करार दिया, जिसके बाद बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
दिग्विजय सिंह का कहना है कि कई बार राजनीतिक विरोध के चलते युवाओं को गलत तरीके से निशाना बनाया जाता है। उन्होंने उमर खालिद की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबूतों के अभाव में किसी को वर्षों तक जेल में रखना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है। उनके मुताबिक, कानून के दायरे में रहते हुए हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार मिलना चाहिए। सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि असहमति का मतलब राष्ट्रविरोध नहीं होता और हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस नेता के इस बयान पर बीजेपी विधायक ने कड़ा विरोध जताया और इसे राष्ट्रहित के विरुद्ध बताया। विधायक का कहना है कि जिन व्यक्तियों पर गंभीर आरोप हों, उनका बचाव करना देश में गलत संदेश भेजता है। बीजेपी नेता ने तंज कसते हुए कहा कि यदि दिग्विजय सिंह को उमर खालिद में इतनी ही सहानुभूति है तो वे पाकिस्तान जाकर अपनी राजनीति कर लें। उनका दावा है कि ऐसे बयान देश विरोधी ताकतों को ताकत देते हैं और कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।

