
मध्यप्रदेश के एक दर्दनाक मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में एंबुलेंस का टायर अचानक पंचर हो गया। वाहन के रुकते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और समय पर सहायता न मिलने के कारण मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। आखिरकार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एंबुलेंस चालक ने टायर बदलने का प्रयास किया, लेकिन उपकरणों और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण काफी समय बर्बाद हो गया। वहीं, दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए विभाग से कोई त्वरित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते मरीज के परिवार में रोष है और उन्होंने चिकित्सा प्रणाली की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्राथमिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस सेवाओं की धीमी उपलब्धता, वाहन रखरखाव और संसाधनों की कमी जैसी समस्याएँ फिर एक बार उजागर हुई हैं।

