
देश की राजधानी दिल्ली इस समय गंभीर प्रदूषण संकट से जूझ रही है, पर यह समस्या सिर्फ इसी शहर तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई बड़े शहर पिछले वर्षों में खतरनाक स्तर की वायु गुणवत्ता का सामना कर चुके हैं। लगातार धुंध, धुएं, औद्योगिक उत्सर्जन और वाहन प्रदूषण ने लाखों लोगों की सांसें मुश्किल कर दी थीं। हालांकि इन शहरों ने समय रहते कई सख्त और नवाचार-आधारित कदम उठाए, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति में सुधार देखने को मिला। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 शहरों की कहानी, जिन्होंने प्रदूषण के खिलाफ जंग जीती।
1. बीजिंग (चीन): कोयले पर व्यापक प्रतिबंध
कभी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार बीजिंग ने वर्षों तक भारी स्मॉग का सामना किया। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में कोयला आधारित यूनिटों पर रोक लगाई, गैस आधारित सिस्टम को बढ़ावा दिया और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स शुरू किए। सख्त निगरानी के साथ उत्सर्जन कम करने वाली तकनीकों को अनिवार्य किया गया। परिणामस्वरूप PM स्तर में काफी गिरावट दर्ज हुई।
2. मैक्सिको सिटी (मैक्सिको): ‘नो ड्राइव डे’ नीति
वाहनों की संख्या बढ़ने से मैक्सिको सिटी की हवा बेहद जहरीली हो चुकी थी। प्रशासन ने सप्ताह में एक दिन खास रंग की नंबर प्लेट वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत किया और ईको-बसें तैनात कीं। इसके साथ ही औद्योगिक प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई की गई। नागरिकों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और हवा की गुणवत्ता बेहतर होती गई।
3. टोक्यो (जापान): स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल
जापान ने वाहन उत्सर्जन नियंत्रण में तकनीकी क्रांति की। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के साथ शहर में पुरानी डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया। शहर में प्रदूषण नियंत्रण के ठोस मानक लागू किए गए, जिसका असर कुछ ही वर्षों में देखने को मिला।

