
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आ रहा है, जहां ऑफिस के कामकाज में AI इंसानों को पीछे छोड़ सकता है। ओपनएआई एक ऐसे नए AI मॉडल पर काम कर रहा है, जिसे वास्तविक दफ्तरों के काम, प्रक्रियाओं और फैसलों के आधार पर ट्रेन किया जा रहा है। इससे यह मॉडल सिर्फ निर्देशों का पालन ही नहीं करेगा, बल्कि खुद निर्णय लेने और जटिल टास्क संभालने में भी सक्षम हो सकता है।
बताया जा रहा है कि यह AI ईमेल मैनेजमेंट, रिपोर्ट तैयार करना, डेटा एनालिसिस, प्रोजेक्ट प्लानिंग और क्लाइंट कम्युनिकेशन जैसे कार्यों को तेजी और सटीकता से पूरा कर सकेगा। खास बात यह है कि इसे थ्योरी नहीं, बल्कि असली वर्कप्लेस सिचुएशंस से ट्रेन किया जा रहा है, जिससे इसका प्रदर्शन इंसानों से ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
इस तकनीकी प्रगति के साथ नौकरियों पर खतरे की आशंका भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई व्हाइट-कॉलर जॉब्स, खासकर एंट्री-लेवल और रूटीन ऑफिस वर्क, ऑटोमेशन की चपेट में आ सकते हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि AI नई तरह की नौकरियों और स्किल्स की मांग भी पैदा करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में ऑफिस का कामकाज इंसान और AI के सहयोग पर आधारित होगा। जो लोग समय रहते नई तकनीक को समझकर खुद को अपस्किल करेंगे, उनके लिए अवसर बने रहेंगे। लेकिन जो बदलाव के साथ कदम नहीं मिलाएंगे, उनके लिए यह तकनीकी क्रांति चुनौती साबित हो सकती है।

