
भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने संस्था के भीतर कामकाज के माहौल और महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। AIIMS में कार्यरत एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने अपने ही विभागाध्यक्ष (HOD) पर उत्पीड़न, मानसिक दबाव और जबरन कमरे में रोकने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत सामने आते ही संस्थान प्रशासन ने इस मुद्दे को संवेदनशील मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, विभागाध्यक्ष ने न केवल अनुचित व्यवहार किया बल्कि कई मौकों पर कार्यस्थल पर गरिमा का उल्लंघन करने का प्रयास किया। प्रोफेसर का दावा है कि एक दिन उन्हें जबरन विभागाध्यक्ष के कमरे में रोक दिया गया, जहां अनावश्यक प्रश्नों और दबाव के माध्यम से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि इस व्यवहार ने उन्हें असुरक्षित और असहज महसूस कराया। मामले के सामने आने के बाद अन्य कर्मियों ने भी कार्य वातावरण पर सवाल खड़े किए हैं।
घटना की रिपोर्ट मिलते ही AIIMS प्रशासन सक्रिय हो गया और मामले की विवेचना के लिए विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। समिति वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में शिकायत की गहराई से जांच करेगी। समिति के सदस्यों को आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों, संबंधीत CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और विभागीय दस्तावेजों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। पीड़ित पक्ष को समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

