Amazon Bengaluru Office Campus – बेंगलुरु में अमेजन का 12-मंजिला नया ऑफिस कैंपस

ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने भारत में अपनी मौजूदगी और टेक्नोलॉजी निवेश को मजबूत करते हुए बेंगलुरु में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस कैंपस शुरू किया है। लगभग 11 लाख (1.1 million) स्क्वेयर फीट क्षेत्र में फैला यह नया 12-मंजिला कॉर्पोरेट परिसर कंपनी की भारत रणनीति का प्रमुख केंद्र होगा। यह कदम ऐसे समय आया है जब Amazon भारत को अपने वैश्विक टेक और इनोवेशन नेटवर्क में प्रमुख हब के रूप में विकसित कर रहा है।

नया कैंपस Bengaluru के प्रमुख टेक कॉरिडोर में स्थित है और यहां लगभग 7,000 कर्मचारियों के बैठने-काम करने की क्षमता है। इस ऑफिस में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI-ML, डिवाइस इंजीनियरिंग और बिजनेस ऑपरेशंस से जुड़े टीमें काम करेंगी। कंपनी ने इसे सहयोगी (collaborative) वर्कस्पेस के रूप में डिजाइन किया है, जिसमें ओपन-ऑफिस फ्लोर, मीटिंग हब, क्रिएटिव जोन और कर्मचारी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

Amazon ने इस कैंपस को टिकाऊ (sustainable) और कर्मचारी-केंद्रित बनाने पर भी जोर दिया है। बिल्डिंग में ऊर्जा-कुशल डिजाइन, हरित क्षेत्र (green zones), बेहतर प्राकृतिक रोशनी और आधुनिक सुरक्षा-प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं। टेक कंपनियों के लिए बेंगलुरु पहले से ही एशिया के प्रमुख नवाचार केंद्रों में गिना जाता है और Amazon का यह विस्तार शहर की “ग्लोबल टेक कैपिटल” की पहचान को और मजबूत करता है।

 

भारत Amazon के लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में है और कंपनी यहां क्लाउड, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और AI क्षेत्रों में लगातार निवेश बढ़ा रही है। नया बेंगलुरु कैंपस इस बात का संकेत है कि कंपनी भारत को केवल बाजार नहीं बल्कि उत्पाद-विकास और वैश्विक टेक टैलेंट के स्रोत के रूप में देखती है। आने वाले वर्षों में इस तरह के बड़े ऑफिस और टेक हब देश में रोजगार, स्टार्टअप सहयोग और डिजिटल इकोसिस्टम को भी गति देंगे।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    Related Posts

    Gold, Silver Rate Today: MCX पर सोना-चांदी में गिरावट, जानिए आगे कैसा रह सकता है बाजार का रुख

    कमोडिटी बाजार में बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।…

    आगे पढ़ें
    दलाल स्ट्रीट का ‘रक्तपात’, आम आदमी की बचत पर ‘बुलडोजर’ या सुनहरे कल की आहट?

    नई दिल्ली/मुंबई | भारतीय शेयर बाजार इस वक्त एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहां एक…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर