
इंदौर में दूषित पेयजल से फैल रहे बैक्टीरिया संक्रमण ने एक और जान ले ली है, जिससे मौतों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार बीमारियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमित पानी पीने से लोगों में गंभीर पेट संक्रमण और अन्य जटिलताएं हो रही हैं।
इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब सरकार ने हाईकोर्ट को अब तक सिर्फ 4 मौतों की जानकारी दी, जबकि जमीनी हकीकत में आंकड़ा कहीं ज्यादा बताया जा रहा है। इस विरोधाभास के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और रिपोर्टिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच में सामने आया है कि पाइपलाइन लीकेज के कारण सीवर का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल गया, जिससे बड़े पैमाने पर संक्रमण फैला। प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है और टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सरकार से पूरी और सटीक जानकारी देने को कहा है। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

