
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता Abhishek Banerjee ने मतदाता सूची से जुड़े Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि राज्य में “वोट चोरी” हो रही है।
TMC का आरोप: लोकतंत्र से खिलवाड़
Abhishek Banerjee ने कहा कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव की भावना को नुकसान पहुंच सकता है। उनका दावा है कि यह प्रक्रिया खास वर्ग और इलाकों को प्रभावित कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
TMC नेताओं का कहना है कि अगर पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो आम लोगों का चुनावी व्यवस्था से भरोसा उठ सकता है।
BJP का जवाब: बेबुनियाद आरोप
वहीं BJP ने TMC के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वोटर लिस्ट का संशोधन एक नियमित और कानूनी प्रक्रिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि TMC चुनाव से पहले भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है ताकि संभावित हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ा जा सके।
BJP का यह भी कहना है कि SIR का मकसद फर्जी और डुप्लीकेट वोटरों को हटाना है, न कि किसी के अधिकार छीनना।
Election Process पर बढ़ता तनाव
इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। जहां एक तरफ TMC चुनावी निष्पक्षता की बात कर रही है, वहीं BJP इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण आता है और राजनीतिक तनाव किस दिशा में जाता है।

