
भोपाल। दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की जांच के लिए मध्य प्रदेश में सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला तैयार हो गई है। भोपाल स्थित मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन परिसर में बनी इस लैब में दूध और दुग्ध उत्पादों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी।
₹12.40 करोड़ की लागत से तैयार हुई हाईटेक लैब
इस प्रयोगशाला का निर्माण करीब 12.40 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। परियोजना को केंद्र सरकार के नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (NPDD) के तहत वित्तीय सहायता मिली है। लैब में अत्याधुनिक जांच उपकरण लगाए गए हैं और इसे शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। प्रयोगशाला में दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े कई मानकों की जांच की जाएगी। इनमें पेस्टिसाइड, एंटीबायोटिक्स, हेवी मेटल्स, अफ्लाटॉक्सिन, वसा की शुद्धता, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की जांच शामिल है।
इसके अलावा दूध में यूरिया, स्टार्च, चीनी, नमक, माल्टोज और आयोडीन जैसे संभावित मिलावट वाले पदार्थों की भी जांच की जा सकेगी।
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आम उपभोक्ता भी करा सकेंगे दूध की जांच
इस लैब की एक खास बात यह है कि सुविधा केवल सहकारी दुग्ध संघों तक सीमित नहीं रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार आम उपभोक्ता और निजी खाद्य उत्पादक संस्थाएं भी दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूनों की जांच करा सकेंगी। लैब को NABL और FSSAI के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। संबंधित मान्यता की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों के अनुसार सुविधा जल्द ही नियमित रूप से शुरू होने की उम्मीद है।
नई प्रयोगशाला से प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने और मिलावट की निगरानी बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं को दूध की गुणवत्ता से जुड़ी जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
भोपाल में तैयार हुई यह राज्य स्तरीय डेयरी लैब 100 से अधिक मानकों पर दूध की जांच कर सकेगी। लैब के संचालन से मिलावट की पहचान और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए नई सुविधा उपलब्ध होगी।
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