
सार
राजू सूरसिंह राठौड़ | बुरहानपुर जिले की ग्राम पंचायत शेखपुरा में महिला सरपंच और पंच के बीच विवाद सामने आया है। आदिवासी महिला सरपंच सुमन बाई ने पंच प्रकाश मोरे पर RTI के एवज में कथित तौर पर 1 लाख रुपये मांगने, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच ने अजाक थाने समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है और कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विस्तार
बुरहानपुर जिले की ग्राम पंचायत शेखपुरा में महिला सरपंच और पंचायत के पंच के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आदिवासी महिला सरपंच सुमन बाई ने पंच प्रकाश मोरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए अजाक थाने सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। सरपंच ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, पंच प्रकाश मोरे द्वारा सूचना का अधिकार यानी RTI लगाया गया था। सरपंच सुमन बाई का आरोप है कि RTI के एवज में कथित तौर पर उनसे 1 लाख रुपये की मांग की गई। सरपंच ने दावा किया है कि इस बातचीत से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। हालांकि, ऑडियो में क्या बातचीत हुई और उसमें लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
महिला सरपंच ने पंच पर पंचायत में आकर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके साथ आदिवासी समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और उनके सरपंच पद पर सवाल उठाए गए।
सरपंच सुमन बाई के मुताबिक, पंच कथित तौर पर पंचायत में आकर आदिवासी समाज और उनके सरपंच बनने को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि इस तरह के कथित व्यवहार से उन्हें मानसिक रूप से परेशानी हुई और वह मामले में कार्रवाई चाहती हैं।
सरपंच का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पहले भी संबंधित स्तर पर शिकायत की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण विवाद बना हुआ है। अब उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। ग्रामीणों के मुताबिक, यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और पंचायत की गरिमा बनी रहे।
फिलहाल महिला सरपंच की शिकायत के बाद मामला जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के इंतजार में है। RTI के एवज में रकम मांगने, अभद्र व्यवहार और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
- burhanpur-shekhpura-woman-sarpanch-allegation-panch-rti-one-lakh-demand









