
सार
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: आधी रात जैसे ही घड़ी की सुई 12 पर पहुंची, बुरहानपुर के श्री स्वामीनारायण मंदिर का पूरा परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। चारों तरफ भक्ति, आस्था और उल्लास का ऐसा माहौल बना कि हर कोई कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही श्रद्धालुओं ने जमकर खुशियां मनाईं। इस दौरान लड्डू गोपाल को एक क्विंटल से अधिक वजनी चांदी के भव्य पालने में विराजित कर झुलाया गया।
विस्तार
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में शाम से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, मंदिर परिसर भक्तों से भरता गया। मंदिर में भजन, कीर्तन, आरती और भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालु कान्हा की भक्ति में लीन नजर आए।
मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कृष्ण जन्म का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में आयोजन में शामिल हुए।
जैसे ही रात के 12 बजे, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की घोषणा के साथ मंदिर परिसर में जयकारे गूंज उठे। ‘नंद के घर आनंद भयो… जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को कृष्ण जन्मोत्सव की बधाई दी।
विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद लड्डू गोपाल को चांदी के विशाल पालने में विराजित किया गया। पालने को झुलाने के लिए श्रद्धालुओं में भी उत्साह नजर आया। भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जन्मोत्सव का सबसे खास आकर्षण एक क्विंटल से अधिक वजनी चांदी का भव्य पालना रहा। इसमें लड्डू गोपाल को विराजित कर विधि-विधान से झुलाया गया। पालना झूलते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं के बीच चॉकलेट और प्रसाद का वितरण भी किया गया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह और एसडीएम पल्लवी पौराणिक सहित प्रशासनिक अधिकारी भी श्री स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे। अधिकारियों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और गरबा का आयोजन भी किया गया। कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। कहीं भजनों की मधुर धुन सुनाई दे रही थी तो कहीं भक्त गरबा करते हुए नजर आए।
महिलाओं और युवाओं में गरबा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पूरा परिसर देर रात तक भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा रहा।
कृष्ण जन्मोत्सव के बाद दहीहांडी का आयोजन किया गया। माखन-मटकी की कृष्ण लीला को जीवंत करने के लिए युवाओं की टोलियां मैदान में उतरीं। युवाओं ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर मानव पिरामिड बनाया और ऊंचाई पर टंगी मटकी तक पहुंचने का प्रयास किया।
जैसे-जैसे युवा मटकी के करीब पहुंचते गए, वैसे-वैसे नीचे खड़े श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। पूरा परिसर ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंजता रहा।
आखिरकार युवाओं की टोली ने मटकी फोड़ने में सफलता हासिल कर ली। दहीहांडी फूटते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियों और जयकारों के साथ खुशी जताई। युवाओं का जोश और लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
श्री स्वामीनारायण मंदिर में आयोजित कृष्ण जन्मोत्सव भक्ति, आस्था और उल्लास का शानदार संगम बन गया। आधी रात को लड्डू गोपाल के जन्म से शुरू हुआ उत्सव भजन-कीर्तन, गरबा और दहीहांडी तक चलता रहा।
चांदी के भव्य पालने में झूलते लड्डू गोपाल, आधी रात को गूंजते जयकारे, भजनों पर झूमते श्रद्धालु और दहीहांडी में युवाओं का जोश-पूरे आयोजन ने बुरहानपुर को कृष्णमय कर दिया।
हर ओर बस एक ही जयकारा सुनाई देता रहा-
‘नंद के घर आनंद भयो… जय कन्हैया लाल की!’
‘राधे-राधे… कृष्णा-कृष्णा!’
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