ChatGPT Health पर शोध का दावा: 52% आपात मामलों में गलत सलाह दे रहा AI

स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के बीच एक नई रिसर्च ने चिंता बढ़ा दी है। सिडनी में किए गए एक अध्ययन में दावा किया गया है कि एआई आधारित हेल्थ चैटबॉट कई बार आपात स्थिति को सही ढंग से पहचान नहीं पाते। शोध के अनुसार लगभग 52% मामलों में एआई सिस्टम ने ऐसी सलाह दी जो आपात चिकित्सा स्थिति के लिए उपयुक्त नहीं थी। यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है और इसमें मेडिकल सलाह देने वाले एआई टूल्स की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं।

शोधकर्ताओं ने विभिन्न मेडिकल परिदृश्यों के आधार पर एआई हेल्थ चैटबॉट्स की क्षमता का परीक्षण किया। इसमें सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर आपात स्थितियों तक कई केस शामिल किए गए थे। परिणामों में पाया गया कि कई बार एआई सिस्टम ने गंभीर लक्षणों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और मरीजों को तुरंत अस्पताल जाने के बजाय सामान्य सलाह दे दी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीज के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं में पूरी तरह बेकार नहीं है। सही तरीके से उपयोग किए जाने पर यह शुरुआती जानकारी देने और सामान्य स्वास्थ्य सलाह में मददगार हो सकती है। लेकिन आपात स्थिति की पहचान और अंतिम चिकित्सा निर्णय के लिए अभी भी प्रशिक्षित डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों के मुताबिक भविष्य में एआई हेल्थ सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए अधिक डेटा, मेडिकल गाइडलाइन और कड़े परीक्षण की जरूरत होगी। उन्होंने आम लोगों को सलाह दी है कि ऑनलाइन एआई चैटबॉट से मिली जानकारी को अंतिम चिकित्सा सलाह न मानें और गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

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