
सार
डबरा/ भरत रावत: ग्वालियर जिले के भितरवार थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी टीम ने चक मियांपुर, गोलपुरा, बसई कंजर डेरा और गोहिंदा में एक साथ दबिश देकर 3400 किलो गुड़ लहान और 51 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद की। टीम ने शराब के सैंपल लेने के बाद लहान को मौके पर ही नष्ट कर दिया। जब्त शराब और नष्ट किए गए लहान की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत पांच प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
विस्तार
ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। भितरवार क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई से अवैध शराब का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया।
आबकारी विभाग की टीम ने भितरवार थाना क्षेत्र के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में दबिश देकर बड़ी मात्रा में शराब बनाने के लिए तैयार किया गया गुड़ लहान बरामद किया। इसके साथ ही हाथ भट्टी से तैयार की गई शराब भी जब्त की गई।
चार स्थानों पर एक साथ पहुंची आबकारी टीम
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की टीम ने चक मियांपुर, गोलपुरा, बसई कंजर डेरा और गोहिंदा में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान टीम को कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब तैयार किए जाने के लिए लहान तैयार मिला।
टीम ने मौके पर मौजूद सामग्री की जांच की और अवैध शराब से जुड़े साक्ष्य जुटाए। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में गुड़ लहान बरामद होने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन ठिकानों पर लंबे समय से अवैध शराब बनाने की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
3400 किलो गुड़ लहान और 51 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त
आबकारी विभाग की कार्रवाई में कुल 3400 किलो गुड़ लहान और 51 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद की गई। शराब का नियमानुसार सैंपल लेने के बाद मौके पर मौजूद लहान को नष्ट कर दिया गया।
अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लहान को मौके पर ही नष्ट किए जाने से बड़ी मात्रा में तैयार होने वाली अवैध शराब को बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
विभाग के मुताबिक नष्ट किए गए लहान और जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है।
पांच प्रकरण दर्ज, आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग ने अवैध शराब निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत पांच प्रकरण दर्ज किए हैं।
विभाग अब दर्ज किए गए मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आबकारी निरीक्षक सत्येंद्र मीणा के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई आबकारी निरीक्षक सत्येंद्र मीणा के मार्गदर्शन में की गई। टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर अवैध शराब के ठिकानों की जांच की।
अचानक हुई कार्रवाई से ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब बनाने और बेचने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई। आबकारी विभाग की ओर से ऐसे स्थानों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी
ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। खासकर हाथ भट्टी शराब के निर्माण में लहान का इस्तेमाल किया जाता है। आबकारी विभाग द्वारा इस तरह के ठिकानों पर कार्रवाई कर लहान नष्ट करने से अवैध शराब के उत्पादन को रोकने की कोशिश की जा रही है।
विभाग का अभियान सिर्फ शराब जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और ठिकानों को भी नष्ट किया जा रहा है, ताकि अवैध कारोबार को दोबारा शुरू करना मुश्किल हो।
ग्रामीण इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत
भितरवार क्षेत्र के चक मियांपुर, गोलपुरा, बसई कंजर डेरा और गोहिंदा में हुई कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब निर्माण के ठिकाने अब भी सक्रिय हैं।
एक साथ चार स्थानों पर दबिश और 3400 किलो लहान की बरामदगी के बाद आबकारी विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, ऐसे कारोबार पर स्थायी रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और लगातार छापेमार कार्रवाई जरूरी होगी।
फिलहाल आबकारी विभाग ने पांच प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
ये भी पढ़े – चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप, घर-दुकानें जलमग्न; बाढ़ से भारी नुकसान
- dabra-bhitwar-excise-department-raids-illegal-liquor-hideouts-3400-kg-lahan-destroyed








