
देश की आर्थिक स्थिति को लेकर आज एक अहम अपडेट सामने आने वाला है, क्योंकि दिसंबर महीने के रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर नवंबर के मुकाबले बढ़ सकती है और 1.6% से 1.7% के बीच दर्ज की जा सकती है।
नवंबर में रिटेल महंगाई 0.71% के निचले स्तर पर थी, जिसे हाल के महीनों का बड़ा राहतभरा आंकड़ा माना गया था। हालांकि दिसंबर में कुछ वस्तुओं, खासकर खाद्य पदार्थों की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जिसका असर महंगाई दर पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी सीमित रहेगी, लेकिन ट्रेंड पर नजर रखना जरूरी है।
महंगाई के ये आंकड़े नीतिगत फैसलों के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं। खास तौर पर ब्याज दरों, कर्ज नीति और मौद्रिक रुख को लेकर इन आंकड़ों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अगर महंगाई तय दायरे में रहती है, तो नीति निर्धारकों को राहत मिल सकती है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, रिटेल महंगाई के आंकड़ों का असर शेयर बाजार और निवेशकों की धारणा पर भी पड़ सकता है। अब सबकी नजर आज जारी होने वाले आंकड़ों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि आने वाले समय में महंगाई का रुख कितना स्थिर या चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

