
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को जल्द ही अत्याधुनिक सिक्योरिटी सिस्टम ‘कैपिटल डोम’ से लैस किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह एक मल्टी-लेयर एयर डिफेंस शील्ड होगी, जिसका उद्देश्य राजधानी को हवाई खतरों, ड्रोन हमलों और मिसाइल जैसी चुनौतियों से सुरक्षित करना है। इस सिस्टम में तीन सुरक्षा परतें (3 Layers) शामिल होंगी, जो अलग-अलग स्तरों पर संभावित खतरों को पहचानकर उन्हें निष्क्रिय करेंगी। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि राजधानी की सुरक्षा अभेद्य बनाई जा सके।
जानकारी के अनुसार आउटर रिंग (Outer Layer) में अत्याधुनिक रडार और सिग्नल डिटेक्शन सिस्टम तैनात किए जाएंगे, जो दूर से ही किसी भी संदिग्ध हवाई गतिविधि को पकड़ लेंगे। वहीं मिडिल लेयर (Middle Layer) में मिसाइल इंटरसेप्टर और एयर डिफेंस सिस्टम लगाए जाएंगे, जो खतरे को राजधानी के भीतर प्रवेश से पहले ही नष्ट कर सकें। सबसे अंदरूनी लेयर में कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और छोटे हवाई उपकरणों को रोकने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम दिल्ली को दुनिया की सबसे सुरक्षित राजधानियों की श्रेणी में खड़ा कर सकता है। बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात और आधुनिक युद्ध तकनीकों को देखते हुए कैपिटल डोम को भारत की रणनीतिक तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद न केवल संवेदनशील सरकारी इमारतें, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

