
राजधानी के पॉश इलाके में पदस्थ एक प्रमोटी IAS अधिकारी इन दिनों अपने कथित असंतोष और संभावित तबादले को लेकर चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उन्हें एक प्रतिष्ठित सरकारी बंगला आवंटित हुआ है, जिसकी भव्यता और सुविधाओं की नौकरशाही में खूब चर्चा रही। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस आलीशान व्यवस्था के बावजूद अधिकारी का राजधानी से मोहभंग होने की खबरें सामने आ रही हैं।
बताया जाता है कि अधिकारी मूलतः धार्मिक पृष्ठभूमि वाले शहर से आते हैं और उसी तरह के वातावरण में काम करना अधिक सहज मानते हैं। राजधानी की तेज रफ्तार, राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक जटिलताओं के बीच उनका मन नहीं लग रहा—ऐसी चर्चा प्रशासनिक हलकों में चल रही है। कहा जा रहा है कि वे लंबे समय तक यहां टिके रहने के इच्छुक नहीं हैं और अपनी पसंद की पोस्टिंग के लिए प्रयासरत हैं।
अफसरशाही के गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि संबंधित प्रमोटी IAS अधिकारी ने अपने करीबी दायरे में कई बार यह संकेत दिया है कि राजधानी की पोस्टिंग उनके अनुरूप नहीं है। उनका मानना है कि वे जिस तरह के प्रशासनिक और सामाजिक माहौल में बेहतर काम कर सकते हैं, वह राजधानी से अलग है। इसी वजह से उनके संभावित तबादले की फाइल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दिलचस्प यह है कि एक ओर उन्हें राजधानी में प्रभावशाली पद और संसाधन मिले हैं, वहीं दूसरी ओर धार्मिक नगरी में पोस्टिंग की संभावना भी चर्चा में है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन नौकरशाही में यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रमोटी IAS अधिकारी जल्द ही नई जगह पर नजर आ सकते हैं। राजधानी की चमक-दमक के बावजूद उनका कथित असंतोष अब प्रशासनिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।







