IAS पति से अलगाव के बाद अब तलाक की नौबत, चर्चित मैडम की निजी जिंदगी चर्चा में

एक चर्चित महिला अधिकारी और उनके IAS पति के बीच लंबे समय से चल रहे अलगाव के बाद अब तलाक की स्थिति बनने की चर्चा है। वर्षों से अलग रहने और दूसरी शादी की अटकलों के बीच निजी रिश्तों का यह विवाद नौकरशाही गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।


प्रदेश की नौकरशाही में कभी चर्चित रहे एक अधिकारी दंपती का रिश्ता अब अंतिम मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, महिला अधिकारी और उनके IAS पति के बीच कई वर्षों से अलगाव की स्थिति बनी हुई है, और अब यह मामला तलाक तक पहुंचने की चर्चाओं में है। दोनों की शादी प्रेम विवाह बताई जाती है और शुरुआती दौर में यह जोड़ी प्रशासनिक हलकों में प्रभावशाली और चर्चित मानी जाती थी।

बताया जाता है कि महिला अधिकारी ने शादी के कुछ वर्षों बाद ही अलग रहने का निर्णय ले लिया था। उस समय उनके करीबी सूत्रों ने निजी कारणों और वैचारिक मतभेदों को वजह बताया था। IAS पति को शांत स्वभाव और ‘लो प्रोफाइल’ छवि वाला अधिकारी माना जाता है, जबकि महिला अधिकारी को महत्वाकांक्षी और स्वतंत्र निर्णय लेने वाली शख्सियत के रूप में देखा जाता रहा है। अलगाव के बाद दोनों ने अपने-अपने करियर पर ध्यान केंद्रित किया और सार्वजनिक तौर पर रिश्ते पर कम ही टिप्पणी की।

इधर कुछ समय से महिला अधिकारी के निजी जीवन में नए रिश्ते की चर्चा भी तेज हुई थी। बताया जाता है कि उन्होंने अलगाव के बाद दूसरी शादी की दिशा में कदम बढ़ाए थे और इस सिलसिले में सामाजिक व राजनीतिक हलकों में भी चर्चा रही। हालांकि आधिकारिक पुष्टि कभी सामने नहीं आई, लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि पहला वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त होने की स्थिति में है, जिससे पुराने रिश्ते का अध्याय औपचारिक रूप से बंद हो सकता है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि महिला अधिकारी ने निजी बातचीत में अपने पूर्व पति पर आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर आरोप लगाए थे। वहीं IAS अधिकारी की ओर से हमेशा संयमित और शांत प्रतिक्रिया ही सामने आई। लंबे समय से चले आ रहे इस अलगाव और संभावित तलाक की चर्चा ने एक बार फिर नौकरशाही के निजी जीवन और सार्वजनिक छवि के जटिल संबंधों को चर्चा में ला दिया

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    Related Posts

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन, मध्यप्रदेश — उज्जैन में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा…

    आगे पढ़ें
    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ₹20,000 करोड़ की माइक्रोफाइनेंस क्रेडिट गारंटी योजना (MFI Credit Guarantee…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर